नई दिल्ली, 28 मार्च 2025केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की वृद्धि को हरी झंडी दिखा दी है। यह निर्णय शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। नई दरें 1 जनवरी 2025 से लागू होंगी, जिसके तहत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जनवरी और फरवरी का एरियर भी प्राप्त होगा। इस बढ़ोतरी के बाद DA और DR की दर 53 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत हो जाएगी।
साल में 2 बार होती है बढ़ोतरी
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक साल में दो बार केंद्रीय कर्मचारियों के भत्ते में बढ़ोतरी की जाती है। यह बढ़ोतरी छमाही आधार पर होती है। आखिरी वृद्धि जुलाई 2024 में हुई थी, जब महंगाई भत्ता 50% से बढ़ाकर 53% कर दिया गया था। यह 3% बढ़ोतरी को दिखाता है। अब नए फैसले के तहत भत्ते में 2% का इजाफा हुआ है। यह भत्ता बढ़ोतरी जनवरी 2025 से जून 2025 तक के लिए है।
मिलेगा 2 महीने का एरियर
सरकार ने भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान मार्च के महीने में किया है। हालांकि, केंद्रीय कर्मचारियों को जनवरी और फरवरी महीने का भी भत्ता एरियर के तौर पर मिलेगा। आइए कैल्कुलेशन के हिसाब से समझ लेते हैं कि नई बढ़ोतरी के बाद केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ जाएगी। अगर किसी केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 19000 रुपये होगी तो उसे महंगाई भत्ते के तौर पर 10,070 रुपये मिलता था। अब 2 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद यह भत्ता 10,450 रुपये हो गया है। इस लिहाज से केंद्रीय कर्मचारियों के भत्ते में 380 रुपये प्रति माह का इजाफा हुआ है। इसके साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों को जनवरी और फरवरी यानी 2 महीने का एरियर 760 रुपये मिलेगा।
पेंशनकर्मियों को भी फायदा
केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर केंद्र सरकार के रिटायर्ड कर्मचारियों के महंगाई राहत यानी डीआर में भी 2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद अब पेंशनभोगियों का पेंशन भी बढ़ जाएगा। बता दें कि सरकार के डीए और डीआर पर फैसले से एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा होगा।
कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?
अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो उसे अब हर महीने 360 रुपये मिलेंगे। दरअसल, अब तक 18,000 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को 53% भत्ता मिलता है, जो 9540 रुपये के बराबर है। यह 55 फीसदी के हिसाब से 9900 रुपये हो जाएगा।
अगर किसी की बेसिक सैलरी 50 हजार रुपये है तो 53% डीए के हिसाब से उसे ₹26,500 का महंगाई भत्ता मिलता होगा, लेकिन 55 फीसदी के डीए के हिसाब से उसे ₹27,500 का डीए मिलेगा। यानी कर्मचारियों की सैलरी में 1 हजार रुपये का इजाफा होगा।
महंगाई सूचकांक के आधार पर फैसला
महंगाई भत्ते में यह संशोधन अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आंकड़ों के आधार पर किया गया है। AICPI में पिछले कुछ महीनों में दर्ज की गई बढ़ोतरी ने इस वृद्धि की जरूरत को रेखांकित किया। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत सरकार हर साल दो बार DA और DR में बदलाव करती है, जो जनवरी और जुलाई से लागू होते हैं। इस बार की घोषणा के साथ मार्च की सैलरी में कर्मचारियों को तीन महीने का बकाया भी मिलेगा, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति में और सुधार होगा।
कर्मचारियों में खुशी की लहर
इस घोषणा के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में खुशी की लहर देखी जा रही है। दिल्ली में कार्यरत एक केंद्रीय कर्मचारी रमेश कुमार ने कहा, “महंगाई के इस दौर में DA में बढ़ोतरी हमारे लिए बड़ी राहत है। एरियर के साथ यह हमारे परिवार के लिए एक सौगात है।” वहीं, एक पेंशनभोगी शांति देवी ने सरकार के फैसले की सराहना करते हुए कहा, “यह बढ़ोतरी हमारी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी।”आर्थिक प्रभाव और सरकार की प्रतिबद्धतायह वृद्धि न केवल कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए लाभकारी है, बल्कि अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बाजार में मांग बढ़ेगी, क्योंकि कर्मचारियों के पास खर्च करने के लिए अतिरिक्त आय होगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वह समय-समय पर महंगाई के प्रभाव का आकलन करती रहेगी और कर्मचारियों के हित में कदम उठाती रहेगी।
अगली समीक्षा जुलाई में संभव
सूत्रों के अनुसार, अगली DA वृद्धि की समीक्षा जुलाई 2025 में हो सकती है, जो जनवरी से जून 2025 तक के महंगाई सूचकांक के आधार पर तय होगी। तब तक कर्मचारी और पेंशनभोगी इस बढ़ोतरी का लाभ उठा सकेंगे। सरकार के इस फैसले ने एक बार फिर केंद्रीय कर्मचारियों के प्रति अपनी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाया है।