4 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए-बीएड और बीएससी-बीएड कोर्स बंद
राजस्थान के विभिन्न बीएड कॉलेजों में संचालित चार वर्षीय बीए-बीएड और बीएससी-बीएड इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम में इस साल दाखिला नहीं होगा।
नए सत्र 2025-26 से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए-बीएड एवं बीएससी-बीएड को बंद करने का निर्णय कर लिया गया है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद नई दिल्ली के सदस्य सचिव केसांग वाई शेरपा द्वारा पिछले साल 30 जनवरी 2024 को जारी परिपत्र के अनुसार देश के सभी चार वर्षीय बीए-बीएड और बीएससी-बीएड पाठ्यक्रम को सत्र 2025-26 से बंद करने का निर्णय इस शर्त पर किया गया है कि मौजूदा पाठ्यक्रम को एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम में परिवर्तित किया जाएगा। जिसमे बीकॉम-बीएड सहित अनेक कोर्स संचालित होंगे। गत सत्र में पीटीईटी ने भी यही कहा था कि सत्र 2024-25 का चार वर्षीय पाठ्यक्रम मे यह प्रवेश का यह अंतिम अवसर हैं।
बावजूद इसके 4 मार्च 2025 को नोडल एजेंसी वर्द्धमान महावीर खुला विश्विद्यालय कोटा ने पीटीईटी 2025 के तहत दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम के साथ चार वर्षीय बीए-बीएड ,बीएससी-बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश का विज्ञापन जारी कर दिया। राज्य सरकार के निर्देश के बाद नोडल एजेंसी ने चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स में आवेदन की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है।
राजस्थान में भी इस साल से चार साल का बीए बीएड व बीएससी बीएड कोर्स बंद
राजस्थान में भी चार वर्षीय बीएड कोर्स में दाखिले के लिए होने वाली राजस्थान प्री टीचर एजुकेशन टेस्ट (PTET) 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है। 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए बीएड/बीएससी बीएड कोर्स के लिए 12वीं पास से आवेदन लिए जाते हैं।
ITEP के लिए 16 मार्च तक आवेदन का मौका
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (एनसीईटी 2025) के लिए ऑनलाइन आवदेन की प्रक्रिया 20 फरवरी 2025 से शुरू कर दी है। इसी प्रवेश परीक्षा के जरिए देश के विभिन्न संस्थानों में नए चार वर्षीय आईटीईपी ( इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम ) में दाखिला होगा। आईटीईपी कोर्स के तहत 12वीं पास छात्र चार वर्षीय बीए बीएड, बीएससी बीएड और बीकॉम बीएड कोर्स करेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के तहत वर्ष 2030 से चार वर्षीय बीएड या चार-वर्षीय एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) डिग्री धारक ही शिक्षक बन पाएंगे, ऐसे में टीचर बनने के लिए इस कोर्स की बहुत ज्यादा अहमियत हो गई है। यह कोर्स एनईपी के तहत बनी नई स्कूल संरचना के चार चरणों यानि फाउंडेशनल, प्रिपरेटरी, मिडिल और सेकेंडरी (5+3+3+4) के लिए शिक्षकों को तैयार करेगा। योग्य व इच्छुक उम्मीदवार exams.nta.ac.in/NCET पर जाकर 16 मार्च 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश परीक्षा 29 अप्रैल 2025 को होगी। आईआईटी, एनआईटी, आरआईई समेत चुनिंदा केंद्रीय / राज्य विश्वविद्यालयों / संस्थानों और सरकारी कॉलेज में 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) में एडमिशन के लिए एनसीईटी प्रवेश परीक्षा आयोजित की जा रही है।
राजस्थान में 4 वर्षीय BEd दाखिले के लिए आवेदन की प्रकिया स्थगित
आईटीईपी बचाता है एक साल
आईटीईपी इंटीग्रेटेड कोर्स से छात्रों को एक वर्ष की बचत होती है। वे वर्तमान बीएड योजना के लिए आवश्यक 5 वर्षों (तीन साल की ग्रेजुएशन व दो साल का बीएड) के बजाय इस पाठ्यक्रम को 4 वर्षों में पूरा करेंगे। आईटीईपी 4 साल की ड्यूल डिग्री है जो बीए बीएड/ बीएससी बीएड और बीकॉम बीएड कोर्स ऑफर करती है।
2030 से आईटीईपी का होगा बोलबाला
एनईपी 2020 की सिफारिशों के तहत ही 2030 से स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता तय की गई है। नई शिक्षा नीति के प्रावधानों की मानें तो 2030 के बाद स्कूलों में वहीं शिक्षक भर्ती होंगे जिन्होंने नया वाला आईटीईपी चार वर्षीय बीएड कोर्स किया होगा। तीन साल पहले 2021 में शिक्षा मंत्रालय ने आईटीईपी को अधिसूचित करते समय कहा था कि 2030 से शिक्षकों की भर्ती केवल आईटीईपी के माध्यम से होगी।
यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए शिक्षण क्षेत्र में प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाना और शिक्षकों को अधिक कुशल बनाना है। ITEP कोर्स लागू होने से न केवल विद्यार्थियों का एक वर्ष बचेगा, बल्कि उन्हें शिक्षा के आधुनिक स्वरूप में प्रशिक्षित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस लेख में हम राजस्थान के इस बड़े शैक्षिक बदलाव के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे।
1. पुराने कोर्स का समापन:
राजस्थान में अब तक शिक्षक बनने के लिए निम्नलिखित चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स संचालित हो रहे थे:
(A.) बीए-बीएड (BA-BEd)
(B.) बीएससी-बीएड (BSc-BEd)
इन कोर्सों का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्नातक (Graduation) की डिग्री के साथ ही बीएड (B.Ed) का प्रशिक्षण प्रदान करना था, जिससे उन्हें एक ही कोर्स के तहत दोनों डिग्रियाँ प्राप्त हो सकें।
पुराने कोर्स बंद होने का कारण:
🔹 इन कोर्सों को बंद करने का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधारना और शिक्षण प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर एक समान बनाना है।
🔹 NEP 2020 के तहत शिक्षकों को बेहतर ढंग से प्रशिक्षित करने के लिए नए पाठ्यक्रम की आवश्यकता महसूस की गई, जिसके तहत ITEP कोर्स को लागू किया गया है।
2. नया कोर्स (ITEP – Integrated Teacher Education Programme):
बीए-बीएड और बीएससी-बीएड के स्थान पर अब राजस्थान में इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) लागू कर दिया गया है।
ITEP कोर्स के प्रमुख बिंदु:
✅ ITEP कोर्स के तहत निम्नलिखित पाठ्यक्रम उपलब्ध रहेंगे:
(A.) बीए-बीएड (BA-BEd)
(B.) बीएससी-बीएड (BSc-BEd)
(C.) बीकॉम-बीएड (BCom-BEd)
✅ कोर्स की अवधि: ITEP कोर्स की कुल अवधि 4 वर्ष होगी।
✅ समय की बचत: विद्यार्थी केवल 4 वर्षों में ही ग्रेजुएशन और B.Ed दोनों पूरी कर सकेंगे, जो पहले 5 वर्षों में पूरा होता था।
✅ अधिक प्रभावी शिक्षण: ITEP पाठ्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि विद्यार्थी को विषय के साथ-साथ आधुनिक शिक्षण तकनीक और व्यवहारिक शिक्षा के बारे में भी पूरी जानकारी मिल सके।
ITEP के अंतर्गत शामिल विषय:
ITEP कोर्स में निम्नलिखित विषयों को प्रमुख रूप से पढ़ाया जाएगा:
- बाल विकास और मनोविज्ञान
- शिक्षण पद्धति और कक्षा प्रबंधन
- संचार कौशल
- मूल्यांकन और परीक्षा प्रणाली
- डिजिटल शिक्षण तकनीक
- व्यवहारिक प्रशिक्षण और प्रायोगिक शिक्षण
3. प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव:
ITEP कोर्स लागू होने के साथ ही राजस्थान में शिक्षक प्रशिक्षण के लिए प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है।
प्रवेश प्रक्रिया के प्रमुख बिंदु:
🔹 पहले राजस्थान में बीए-बीएड और बीएससी-बीएड में प्रवेश के लिए PTET (Pre-Teacher Education Test) आयोजित किया जाता था।
🔹 अब ITEP कोर्स में प्रवेश के लिए NTA (National Testing Agency) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा देनी होगी।
🔹 यह परीक्षा पूरे देश में एक समान मानदंडों के आधार पर आयोजित होगी, जिससे विद्यार्थियों का मूल्यांकन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा।
महत्वपूर्ण तिथियां:
🗓️ आवेदन की अंतिम तिथि: 16 मार्च 2025
🗓️ परीक्षा तिथि: 29 अप्रैल 2025
परीक्षा का प्रारूप:
- परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) होंगे।
- प्रश्न पत्र में विषय ज्ञान, शिक्षण कौशल, मानसिक योग्यता, तर्कशक्ति, और संचार कौशल पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे।
- परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर विद्यार्थियों का ITEP में प्रवेश होगा।
4. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत परिवर्तन:
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत भारतीय शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं।
NEP 2020 के तहत ITEP का महत्व:
📌 वर्ष 2030 के बाद शिक्षक बनने के लिए ITEP डिग्री अनिवार्य होगी।
📌 ITEP पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को शिक्षण के नवीनतम कौशल सिखाए जाएंगे, जिससे वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर प्रभावी शिक्षण कर सकें।
📌 विद्यार्थियों को ऑनलाइन लर्निंग, स्मार्ट क्लास, और डिजिटल उपकरणों का उपयोग करने का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
5. ITEP के फायदे:
ITEP कोर्स लागू होने से विद्यार्थियों और शिक्षण क्षेत्र में अनेक लाभ होंगे।
मुख्य लाभ:
✅ समय की बचत: 5 वर्षों के बजाय 4 वर्षों में ही शिक्षक प्रशिक्षण पूरा होगा।
✅ सुधारित पाठ्यक्रम: ITEP कोर्स अधिक प्रभावी तरीके से शिक्षक प्रशिक्षण प्रदान करता है।
✅ डिजिटल शिक्षा का प्रशिक्षण: विद्यार्थी आधुनिक शिक्षण तकनीकों में निपुण होंगे।
✅ व्यावहारिक प्रशिक्षण: ITEP कोर्स के दौरान विद्यार्थियों को विद्यालयों में शिक्षण का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया जाएगा।
✅ राष्ट्रीय स्तर पर समान अवसर: NTA द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिलेगा।
6. विद्यार्थियों के लिए सुझाव:
- ITEP कोर्स में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों को NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट चेक करना चाहिए।
- आवेदन प्रक्रिया, पात्रता शर्तों और परीक्षा पैटर्न का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें।
- प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों, मॉक टेस्ट और ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग करें।
- ITEP कोर्स के तहत शिक्षण क्षेत्र में बेहतर भविष्य के लिए यह एक सुनहरा अवसर है।
7. निष्कर्ष:
राजस्थान में 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए-बीएड और बीएससी-बीएड कोर्स को बंद कर ITEP को लागू करना शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव है। इससे न केवल विद्यार्थियों का समय बचेगा, बल्कि उन्हें आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
NEP 2020 के अनुसार, ITEP डिग्री को वर्ष 2030 से शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य कर दिया जाएगा। यह परिवर्तन भारत के शिक्षा क्षेत्र को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहायक सिद्ध होगा।
ITEP कोर्स के माध्यम से विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर एक कुशल शिक्षक के रूप में अपना भविष्य संवार सकते हैं। विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं और अपनी तैयारी को रणनीतिक रूप से आगे बढ़ाएं।