जयपुर, 1 अप्रैल 2025 – राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खुशखबरी! राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस बढ़ोतरी के बाद अब महंगाई भत्ता 53% से बढ़कर 55% हो गया है। सरकार के इस फैसले से राज्य के करीब 6.5 लाख कर्मचारियों और 3.9 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा।
1 जनवरी 2025 से होगा लागू
सरकारी आदेश के अनुसार, यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होगा। इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों की मासिक आय में इजाफा होगा और उनके आर्थिक स्तर में सुधार आएगा।
कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 जनवरी से बढ़े हुए DA का लाभ मिलेगा। इसका फायदा प्रदेश के 8 लाख कर्मचारियों और 4.40 लाख पेंशनर्स को होगा। तीन महीने का DA कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में जमा होगा। अप्रैल से बढ़े हुए डीए का नकद भुगतान होगा।
सीएम ने लिखा- 1 जनवरी से महंगाई भत्ता मिलेगा
55 प्रतिशत हो जाएगा भत्ता
इस बढ़ोतरी के बाद महंगाई भत्ता-महंगाई राहत एक जनवरी से 53 से बढ़कर 55 प्रतिशत हो जाएंगे। यह वृद्धि 7 वें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित स्वीकृत फॉर्मूले के अनुसार है।
राज्य सरकार पर 820 करोड़ रुपये का वित्तीय भार
महंगाई भत्ता बढ़ने से सरकार पर हर महीने लगभग 820 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। यह बढ़ोतरी कर्मचारियों के वेतन में सीधा जुड़ जाएगी, जबकि पेंशनभोगियों को नकद भुगतान के रूप में दी जाएगी।
कर्मचारियों में खुशी की लहर
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा के बाद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में खुशी का माहौल है। कर्मचारी संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे महंगाई के प्रभाव को कम करने वाला कदम बताया है।
केंद्र सरकार के फैसले के अनुरूप कदम
राजस्थान सरकार का यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ता बढ़ाने के फैसले के अनुरूप लिया गया है। आमतौर पर राज्य सरकारें केंद्र सरकार के निर्णय के आधार पर महंगाई भत्ते में बदलाव करती हैं।
भविष्य में और बढ़ सकती है राहत
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई दर को देखते हुए सरकार भविष्य में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए और भी राहत भरे फैसले ले सकती है।
सरकारी कर्मचारियों को होगा सीधा लाभ
इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और वे अपने दैनिक खर्चों को बेहतर तरीके से प्रबंधित कर सकेंगे।
इस बार की बढ़ी हुई राशि संभव है कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में जमा हो और पेंशनरों को नकद लाभ दे दिया जाए। इससे करीब साढ़े छह लाख सेवारत कर्मचारी और 3 लाख 90 हजार से अधिक पेंशनर लाभान्वित होंगे। इस बढ़ोतरी के कारण राज्य सरकार पर करीब 820 करोड़ रुपए प्रतिमाह का अतिरिक्त भार आएगा।
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