सरकारी स्कूलों में अब नहीं होंगे उप प्राचार्य, पद को डाईंग केडर घोषित करने की तैयारी

सरकारी स्कूलों में उप प्राचार्य पद होंगे समाप्त, डाईंग केडर घोषित करने की तैयारी

शिक्षा विभाग ने जारी किया यूओ नोट, पद समाप्ति प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब उप प्राचार्य पद नहीं रहेंगे। शिक्षा विभाग ने उप प्राचार्य पद को डाईंग केडर घोषित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत वर्तमान में कार्यरत उप प्राचार्यों को प्राचार्य पदों पर पदोन्नति देकर उनके पद समाप्त कर दिए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में यूओ नोट जारी कर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे पद समाप्ति की प्रक्रिया सुनिश्चित करते हुए अपनी रिपोर्ट विभाग को भेजें।

डाईंग केडर क्या होता है?

डाईंग केडर का अर्थ है कि किसी पद को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। इसके तहत उस पद पर कार्यरत कार्मिक को पदोन्नति या अन्य पद पर स्थानांतरित किया जाता है। इसके बाद जैसे-जैसे कर्मचारी सेवानिवृत्त होते जाते हैं, वह पद स्वतः समाप्त हो जाता है।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुआ था निर्णय:

7 हजार प्राचार्य कम और उप प्राचार्य के पद स्वीकृत

शिक्षा विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 25 नवंबर 2024 को हुई विभागीय समीक्षा बैठक में इस निर्णय को मंजूरी दी गई थी। बैठक में बताया गया कि सरकारी स्कूलों में प्रशासनिक कार्यों के लिए 17,785 प्रधानाचार्य के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 7,489 पद रिक्त हैं।

वहीं, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में बिना प्रशासनिक आवश्यकता के 12,421 उप प्राचार्य पद सृजित कर दिए थे, जिनमें से वर्तमान में 7,521 पद रिक्त हैं। विभाग का मानना है कि इन अतिरिक्त पदों के कारण प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे थे।

ऐसे समाप्त होंगे उप प्राचार्य पद

शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, उप प्राचार्य पदों को समाप्त करने की प्रक्रिया निम्न प्रकार होगी:

  1. वर्तमान में कार्यरत सभी उप प्राचार्यों को प्राचार्य पदों पर पदोन्नति दी जाएगी।
  2. जिन उप प्राचार्यों को प्राचार्य पद पर पदोन्नति नहीं मिल पाती है, उनके सेवानिवृत्त होने पर उनका पद स्वतः समाप्त हो जाएगा।
  3. भविष्य में उप प्राचार्य के पद के लिए नई भर्तियां नहीं की जाएंगी।

इस प्रक्रिया के पूरा होते ही प्रदेश के सरकारी स्कूलों में उप प्राचार्य का कोई पद शेष नहीं रहेगा।

व्याख्याता और वरिष्ठ अध्यापक के पद होंगे भरे

डाईंग घोषित कर भरेंगे व्याख्याता के पद

उप प्राचार्य पद को डाईंग घोषित कर शैक्षणिक कार्यों के लिए व्याख्याता अथवा वरिष्ठ अध्यापकों के पद भरने का निर्णय लिया गया है। इसमें शिक्षा विभाग के विभिन्न अध्यापकों का कॉम्प्रिहेंसिव पिरामिड वित्त विभाग से साझा कर आवश्यकता अनुसार परीक्षण कर कार्यवाही का निर्णय लिया है। समीक्षा बैठक के निर्णय की पालना के लिए स्कूल शिक्षा परिषद ने सभी संबंधित शिक्षा अधिकारियों को यूओ नोट जारी कर अद्यतन रिपोर्ट तलब की है।

शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि उप प्राचार्य पद समाप्त होने के बाद स्कूलों में शैक्षणिक कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए व्याख्याता एवं वरिष्ठ अध्यापक के पदों को भरा जाएगा। इसके लिए विभाग ने वित्त विभाग के साथ समन्वय कर एक कॉम्प्रिहेंसिव पिरामिड योजना तैयार की है, जिसके तहत रिक्त पदों की पूर्ति की जाएगी।

शिक्षा अधिकारियों को निर्देश

शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र में पद समाप्ति की प्रक्रिया सुनिश्चित करें। विभाग ने निर्देशित किया है कि इस प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी न हो और प्रत्येक स्तर पर अद्यतन रिपोर्ट विभाग को भेजी जाए।

क्या होगा इस निर्णय का प्रभाव?

इस फैसले से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में:

✔️ प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार होगा।

✔️ प्राचार्य के रिक्त पदों को भरने में तेजी आएगी।

✔️ शिक्षकों को पदोन्नति के अधिक अवसर मिलेंगे।

✔️ शैक्षणिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने में सहायता मिलेगी।

शिक्षा विभाग का यह निर्णय प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने और शिक्षण गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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