राजस्थान बोर्ड बदलेगा पैटर्न:10वीं की परीक्षा साल में दो बार होगी

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत बोर्ड परीक्षाओं में महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। इसके अनुसार, 2026 से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) कक्षा 10वीं की परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित करेगा, जिससे छात्रों को अपनी समझ और प्रदर्शन में सुधार के अधिक अवसर मिलेंगे।

इसी दिशा में, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) भी परीक्षा पैटर्न में बदलाव की योजना बना रहा है। हालांकि, वर्तमान सत्र 2024-25 में परीक्षाएं मार्च-अप्रैल में ही आयोजित की जा रही हैं, लेकिन आगामी सत्रों में साल में दो बार परीक्षाएं आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है।

इन परिवर्तनों का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना और उन्हें अपनी क्षमताओं का मूल्यांकन करने के लिए अधिक अवसर प्रदान करना है। नए पैटर्न के तहत, छात्र दोनों परीक्षाओं में शामिल होकर अपने सर्वोत्तम स्कोर का चयन कर सकेंगे, जिससे उनकी शैक्षणिक प्रगति में सहायता मिलेगी।

इन परिवर्तनों के साथ, छात्रों को अपनी पढ़ाई की रणनीति में बदलाव करने और नए पैटर्न के अनुसार तैयारी करने की सलाह दी जाती है। यह सुनिश्चित करेगा कि वे इन नए अवसरों का पूर्ण लाभ उठा सकें और अपनी शैक्षणिक यात्रा में सफलता प्राप्त कर सकें।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की पहल की गई है, जिसका उद्देश्य छात्रों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करना और शिक्षा के प्रति उनके दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। इसी संदर्भ में, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने बोर्ड परीक्षाओं के पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है।

CBSE का नया परीक्षा पैटर्न: 2026 से साल में दो बार परीक्षाएं

CBSE ने घोषणा की है कि 2026 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को अधिक अवसर प्रदान करना है ताकि वे अपनी समझ और प्रदर्शन में सुधार कर सकें। यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में असफल रहता है या अपनी अपेक्षानुसार प्रदर्शन नहीं कर पाता, तो वह दूसरी परीक्षा में शामिल होकर अपने स्कोर में सुधार कर सकता है। यह कदम छात्रों के बीच परीक्षा का तनाव कम करने और शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

RBSE का प्रस्तावित बदलाव: 2025 से संभावित द्विवार्षिक परीक्षाएं

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) भी इसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है। हालांकि वर्तमान सत्र 2024-25 में परीक्षाएं मार्च-अप्रैल में आयोजित की जा रही हैं, लेकिन आगामी सत्रों में साल में दो बार परीक्षाएं आयोजित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को अधिक अवसर प्रदान करना और परीक्षा के दबाव को कम करना है। इसके अलावा, RBSE ने 2025 की परीक्षाओं के लिए शेड्यूल में कुछ बदलाव किए हैं। दसवीं कक्षा की मुख्य बोर्ड परीक्षा 2025 में 27 फरवरी से शुरू होगी, जबकि बारहवीं कक्षा की परीक्षा 20 फरवरी से प्रारंभ होगी।

सत्रांक योजना का रिव्यू भी होगा:

शिक्षा मंत्री दिलावर का कहना है कि ज्यादातर बच्चे सत्रांको पर निर्भरता के कारण परीक्षा की बेहतर तैयारी नहीं कर पाते। साथ ही स्कूल भी इस मामले में लचीलापन रखता है। ऐसे में पूरी योजना का रिव्यू किया जा रहा है। हम चाहते हैं कि हमारा बच्चा बिना किसी पर निर्भर हुए ठोस परिणाम दे ताकि भविष्य की उसकी नींव मजबूत हो सके।

परीक्षा तिथियों में हालिया संशोधन:

RBSE ने कुछ परीक्षाओं की तिथियों में भी संशोधन किया है। उदाहरण के लिए, 1 अप्रैल 2025 को होने वाली संस्कृत और अन्य भाषाओं की परीक्षा अब 4 अप्रैल 2025 को आयोजित की जाएगी। इसी प्रकार, 4 अप्रैल 2025 को होने वाली विज्ञान/इन्फॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेस की परीक्षा अब 7 अप्रैल 2025 को होगी। इन बदलावों का कारण ईद की संभावित तिथि और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षाओं के साथ तिथियों का टकराव है।

छात्रों के लिए सलाह-

इन परिवर्तनों के मद्देनजर, छात्रों को निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना चाहिए:

समय प्रबंधन: परीक्षा की नई तिथियों और संभावित द्विवार्षिक परीक्षाओं के अनुसार अपनी पढ़ाई की योजना बनाएं।

लचीलापन: परीक्षा पैटर्न में बदलाव के साथ, अपनी तैयारी में लचीलापन रखें और नए पैटर्न के अनुसार खुद को ढालें।

मानसिक स्वास्थ्य: परीक्षा का तनाव कम करने के लिए नियमित ध्यान, योग या अन्य विश्राम तकनीकों का अभ्यास करें।

अवसर का लाभ उठाएं: द्विवार्षिक परीक्षाओं के माध्यम से अपने प्रदर्शन में सुधार के अवसर का पूर्ण उपयोग करें।

इन परिवर्तनों का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को अधिक छात्र-केंद्रित बनाना और उनकी शैक्षणिक यात्रा को सुगम बनाना है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे इन बदलावों को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करें और अपनी तैयारी को उसी अनुसार समायोजित करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!