स्कूल में बच्चा फेल हुआ तो शिक्षक पर होगी कार्रवाई बोले शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर नागौर के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान प्रदेश में नए शिक्षा सत्र में कई बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की पदोन्नति के बाद रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाएगा, जिससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। मंत्री ने दावा किया कि इन फैसलों से बच्चों की पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और परीक्षा परिणामों में इसका असर देखने को मिलेगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाएगी।
यह बयान राजस्थान में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों की जवाबदेही तय करने की एक पहल के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, इस पर शिक्षकों और शिक्षाविदों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ हो सकती हैं।
मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि बच्चों के लिखित परीक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक आने चाहिए। अगर बच्चे 80 में से 40 नंबर नहीं लाते हैं तो वे पास हो जाएंगे, लेकिन शिक्षक को फेल कर दिया जाएगा ।
स्कूल में नया कानून! स्टूडेंट फेल तो टीचर पर गिरेगी गाज!
राजस्थान में शिक्षा सुधार के नाम पर टीचर्स के लिए बड़ा झटका! शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने ऐलान किया है कि अगर किसी छात्र के 40 से कम नंबर आते हैं, तो शिक्षक पर एक्शन लिया जाएगा! लापरवाह शिक्षकों का ट्रांसफर कई किलोमीटर दूर कर दिया जाएगा! 📜
ये है सरकार का नया फरमान :
✅ कम नंबर लाने वाले छात्रों के लिए टीचर होंगे ज़िम्मेदार!
✅ बेहतर रिजल्ट न देने वाले शिक्षकों का ट्रांसफर तय!
लेकिन सवाल उठता है…
❌ क्या हर स्टूडेंट की कमज़ोरी के लिए सिर्फ टीचर जिम्मेदार है?
❌ क्या दूर ट्रांसफर करने से पढ़ाई सुधर जाएगी?
❌ क्या सरकार स्कूलों में संसाधन बढ़ाएगी या सिर्फ टीचर्स पर दबाव डालेगी?
शिक्षकों में आक्रोश! क्या अब पढ़ाई से ज्यादा सजा पर ध्यान होगा ?
क्या सिर्फ सजा देकर शिक्षा सुधारी जा सकती है या इसके लिए सही नीति बनानी होगी?
शिक्षक संघ और अभिभावकों में गुस्सा!
👉 “टीचर पर ज़बरदस्ती दबाव डालना गलत है!”
👉 “क्या सरकार खुद की नाकामी छुपाने के लिए शिक्षकों को टारगेट कर रही है?”
👉 “बच्चे कई कारणों से फेल होते हैं, सारा दोष टीचर पर क्यों?”
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री-टोटलिंग के साथ री-चेकिंग की सुविधा भी होगी—
मंत्री श्री मदन दिलावर ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब बोर्ड परीक्षाओं में कम नंबर आने पर उत्तर पुस्तिकाओं की री-टोटलिंग के साथ री-चेकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के प्रश्नपत्र अब तीन-चार खंडों में विभाजित कर विभिन्न विशेषज्ञों से तैयार कराए जाएंगे। इस नई व्यवस्था से पेपर लीक और नकल माफिया पर प्रभावी अंकुश लगेगा, जिससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष होगी।
सरकार 50,000 शिक्षकों की पदोन्नति करेगी-उन्होंने पिछली सरकार पर पांच साल के कार्यकाल के दौरान शिक्षकों की पदोन्नति नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि वर्तमान सरकार 50,000 शिक्षकों की पदोन्नति करेगी। इसके साथ ही, नई शिक्षक भर्ती के लिए भी आयोजन किया जाएगा।
राजस्थान के 50,000 शिक्षकों को मिलेगा प्रमोशन! सरकार का ऐतिहासिक फैसला:
राजस्थान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए 50,000 से अधिक शिक्षकों के प्रमोशन की घोषणा की है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सरकार शिक्षकों को उनका हक देने और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
प्रमोशन से जुड़े मुख्य बिंदु:
✅ 50,000+ शिक्षकों को जल्द ही पदोन्नति मिलेगी।
✅ प्राथमिक से लेकर उच्च स्तर तक के शिक्षकों को लाभ मिलेगा।
✅ लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा।
✅ शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा।
इस फैसले से होंगे ये बड़े फायदे:
📌 वर्षों से प्रमोशन का इंतजार कर रहे शिक्षकों को करियर ग्रोथ और नई जिम्मेदारियां मिलेंगी।
📌 वेतन और अन्य सुविधाओं में वृद्धि होगी, जिससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा।
📌 शिक्षकों को योग्यता और अनुभव के आधार पर सम्मानजनक पद मिलेंगे।
📌 विद्यार्थियों को और अधिक अनुभवी और प्रेरित शिक्षक मिल सकेंगे।