शाला दर्पण बड़ी खबर: सरकारी स्कूलों में SMC/SDMC को मिली ₹30 लाख की वित्तीय पावर, PWD मंजूरी खत्म, बदले नियम
By TeachersRaj Team | अपडेटेड: जून 2026
हनुमानगढ़/राजस्थान। नई शिक्षा नीति 2020 (NEP) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE 2009) के तहत देश और प्रदेश के सरकारी स्कूलों के प्रबंधन को लेकर केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब सरकारी स्कूलों में निर्माण और विकास कार्यों के लिए पीडब्ल्यूडी (PWD) के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) और स्कूल विकास एवं प्रबंधन समिति (SDMC) को अब सीधे 30 लाख रुपए तक के कार्य करवाने की वित्तीय पावर दे दी गई है।
इससे पहले कमेटियां केवल 2 लाख रुपए तक के काम ही अपने स्तर पर करवा सकती थीं। शिक्षा मंत्रालय के इस बड़े फैसले से अब स्कूल सीधे तौर पर सरकारी संस्थान के बजाय सामुदायिक संपत्ति (Community Asset) के रूप में विकसित हो सकेंगे।
📌 SMC/SDMC New Rules: मुख्य बदलाव एक नजर में
सरकारी स्कूलों के प्रबंधन में पारदर्शिता और स्वायत्तता लाने के लिए निम्नलिखित 4 बड़े बदलाव किए गए हैं:
- ₹30 लाख तक के वित्तीय अधिकार: अब स्कूल कमेटियां बिना पीडब्ल्यूडी (PWD) की तकनीकी मंजूरी के स्कूल परिसर में ₹30 लाख तक के निर्माण, जीर्णोद्धार या मरम्मत कार्य खुद करवा सकेंगी।
- ‘चेकबुक पावर’ में बदलाव (संयुक्त खाता): स्कूल का बैंक खाता अब संस्थाप्रधान (Headmaster/Principal) और SMC अध्यक्ष (जो कि एक अभिभावक होता है) का संयुक्त खाता होगा। बिना पेरेंट्स की सहमति के स्कूल फंड से एक भी रुपया खर्च नहीं होगा।
- निजी कंपनियों से CSR फंड: सरकारी स्कूलों को अब इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए निजी कंपनियों से Corporate Social Responsibility (CSR) के तहत सीधे फंड और डोनेशन लेने की कानूनी अनुमति दे दी गई है।
- सालाना सोशल ऑडिट और 50% महिला आरक्षण: पारदर्शिता के लिए सरकारी ऑडिट के साथ-साथ हर साल सोशल ऑडिट (सामुदायिक जांच) अनिवार्य होगी। साथ ही, अब SMC/SDMC में 50 फीसदी महिलाओं का होना अनिवार्य कर दिया गया है।
📊 ऐसा होगा नया कमेटी ढांचा (नामांकन के आधार पर सदस्य)
पहले एसएमसी में 16 और एसडीएमसी में 23 सदस्य तय होते थे, लेकिन अब विद्यार्थियों के नामांकन (Enrollment) के अनुसार सदस्यों की संख्या तय होगी:
| स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या (Enrollment) | कमेटी के कुल सदस्यों की संख्या |
|---|---|
| 100 छात्र होने पर | 12 से 15 सदस्य |
| 100 से 500 छात्र होने पर | 15 से 20 सदस्य |
| 500 से अधिक छात्र होने पर | 20 से 25 सदस्य |
कमेटी का वर्गीकरण (Composition):
- 75% अभिभावक: कमेटी के तीन-चौथाई (3/4) सदस्य अनिवार्य रूप से छात्र-छात्राओं के माता-पिता ही होंगे।
- 25% अन्य सदस्य: इसमें स्कूल के शिक्षक, स्थानीय वार्ड पंच/पार्षद, शिक्षाविद और स्कूल के पूर्व छात्र शामिल होंगे।
- कार्यकाल व बैठक: नई गाइडलाइन के अनुसार इस कमेटी का कार्यकाल 2 वर्ष का होगा और हर महीने कम से कम एक बैठक करना अनिवार्य होगा।
शिक्षकों के लिए नोट (SMC vs SDMC): ध्यान रहे कि प्राथमिक (Primary) और उच्च प्राथमिक (Upper Primary) विद्यालयों में SMC का गठन होता है, जबकि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक (Senior Secondary) स्कूलों में SDMC कार्य करती है। यह नियम दोनों कमेटियों पर समान रूप से लागू होगा।
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