Rajasthan School New Order 2026: बिना अनुमति स्कूल में एंट्री, फोटो-वीडियो पर रोक, शिक्षकों के लिए जरूरी आदेश

Rajasthan School New Order 2026: स्कूल परिसर में बिना अनुमति एंट्री, फोटो-वीडियो और लाइव स्ट्रीमिंग पर सख्त रोक, शिक्षकों के लिए जरूरी आदेश

Rajasthan School Safety Order 2026: राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों और कार्मिकों की सुरक्षा, गरिमा और निजता को लेकर शिक्षा विभाग ने बेहद महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब किसी भी बाहरी व्यक्ति को संस्था प्रधान अथवा प्रधानाचार्य की पूर्व अनुमति के बिना विद्यालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों, शिक्षकों अथवा विद्यालय की गतिविधियों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग या लाइव स्ट्रीमिंग भी प्रधानाचार्य की पूर्व लिखित अनुमति के बिना नहीं की जा सकेगी।

शिक्षा विभाग का यह कदम विद्यालयों में बच्चों और कर्मचारियों की सुरक्षा तथा उनकी निजता की रक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभाग ने संस्था प्रधानों और पर्यवेक्षण अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

🚨 बड़ी खबर: स्कूल परिसर में बिना अनुमति प्रवेश, फोटो, वीडियो, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर शिक्षा विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

क्यों जारी किए गए ये दिशा-निर्देश?

निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर द्वारा जारी परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के प्रति “In Loco Parentis” यानी अभिभावक के समान दायित्व के सिद्धांत के अंतर्गत विशेष जिम्मेदारी रखती है।

परिपत्र के अनुसार विद्यालय में अध्ययनरत प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा, गरिमा, निजता और कल्याण सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन, गरिमा एवं निजता के अधिकार का भी उल्लेख किया गया है।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग यानी NCPCR के स्कूल सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए विद्यालयों में सुरक्षित, संरक्षित और बाल-अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

1. बिना अनुमति कोई बाहरी व्यक्ति स्कूल में प्रवेश नहीं कर सकेगा

आदेश के सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में विद्यालय परिसर में बाहरी व्यक्तियों के अनधिकृत प्रवेश को रोकना शामिल है।

प्रधानाचार्य अथवा संस्था प्रधान की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी बाहरी व्यक्ति को विद्यालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

हालांकि अपने आधिकारिक दायित्वों के निर्वहन के लिए विधिवत अधिकृत शासकीय अधिकारियों को इससे अपवाद रखा गया है।

2. Visitor Register में एंट्री होगी जरूरी

विद्यालय परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक आगंतुक को प्रवेश से पहले Visitor Register यानी आगंतुक पंजिका में अपनी प्रविष्टि करनी होगी।

इससे विद्यालय प्रशासन के पास यह रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा कि विद्यालय में कौन व्यक्ति आया और उसकी उपस्थिति कब रही।

✅ संस्था प्रधान ध्यान दें:
विद्यालय में Visitor Register को नियमित रूप से संधारित करना अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

3. बाहरी व्यक्ति अकेले नहीं जा सकेंगे संवेदनशील क्षेत्रों में

कोई भी बाहरी व्यक्ति प्रधानाचार्य, शिक्षक अथवा अधिकृत विद्यालय अधिकारी के साथ हुए बिना निम्न स्थानों पर प्रवेश नहीं करेगा:

  • कक्षा-कक्ष
  • प्रयोगशाला
  • पुस्तकालय
  • छात्रावास
  • खेल मैदान
  • शौचालय क्षेत्र
  • विद्यार्थियों की गतिविधियों से संबंधित अन्य स्थान

इस प्रावधान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा और निजता सुनिश्चित करना है।

4. शिक्षक और विद्यार्थियों का वीडियो बनाने से पहले लिखित अनुमति जरूरी

यह निर्देश शिक्षकों, विद्यार्थियों, मीडिया प्रतिनिधियों और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने वाले लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

प्रधानाचार्य की पूर्व लिखित अनुमति के बिना विद्यार्थियों, शिक्षकों अथवा विद्यालय गतिविधियों की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी नहीं की जा सकेगी।

इसके साथ ही बिना लिखित अनुमति के निम्न गतिविधियां भी नहीं की जा सकेंगी:

  • फोटोग्राफी
  • वीडियोग्राफी
  • इंटरव्यू
  • ऑडियो रिकॉर्डिंग
  • लाइव स्ट्रीमिंग

परिपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसी अनुमति केवल विधि-सम्मत उद्देश्य के लिए ही दी जा सकेगी।

⚠️ शिक्षक सावधान: किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा मोबाइल से शिक्षक या विद्यार्थियों की अनधिकृत रिकॉर्डिंग किए जाने पर मामले को तुरंत संस्था प्रधान के संज्ञान में लाना उचित होगा।

5. विद्यार्थियों की फोटो और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा

विद्यालय प्राधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि विद्यार्थियों की फोटो, वीडियो अथवा व्यक्तिगत जानकारी का ऐसा संग्रह, प्रकाशन या प्रसार न हो जिससे उनकी निजता, गरिमा या सुरक्षा प्रभावित हो।

इसका मतलब यह है कि बच्चों की फोटो या व्यक्तिगत जानकारी को सोशल मीडिया अथवा अन्य सार्वजनिक माध्यमों पर साझा करते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी।

6. बिना अनुमति वीडियो बनाने पर क्या होगी कार्रवाई?

यदि कोई व्यक्ति:

  • बिना अनुमति विद्यालय परिसर में प्रवेश करता है,
  • परिसर छोड़ने से इनकार करता है,
  • अनधिकृत फोटो या वीडियो बनाने का प्रयास करता है,
  • विद्यालय के कार्य में बाधा उत्पन्न करता है,

तो प्रधानाचार्य को तत्काल स्थानीय पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लागू कानूनों के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

7. संस्था प्रधान संदिग्ध व्यक्ति का प्रवेश रोक सकते हैं

प्रधानाचार्य किसी ऐसे आगंतुक का प्रवेश अस्वीकार कर सकते हैं जिसकी उपस्थिति से विद्यालय की:

  • सुरक्षा,
  • निजता,
  • अनुशासन,
  • शैक्षणिक वातावरण

प्रभावित होने की संभावना हो।

इससे स्पष्ट है कि विद्यालय परिसर की सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने में संस्था प्रधान को महत्वपूर्ण भूमिका और जिम्मेदारी दी गई है।

8. बच्चे की पहचान या तस्वीर प्रकाशित करने पर भी सख्त नियम

प्रधानाचार्य की पूर्व लिखित अनुमति के बिना कोई आगंतुक बालक अथवा बालिका की व्यक्तिगत जानकारी एकत्र नहीं करेगा और उसकी पहचान या तस्वीर का ऐसा प्रकाशन नहीं करेगा जो बच्चे के सर्वोत्तम हित में न हो।

विशेष रूप से उस स्थिति में सावधानी जरूरी है जहां तस्वीर या वीडियो से बच्चे की पहचान, स्थान या अन्य व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक हो सकती है।

9. जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता ले सकेंगे प्रधानाचार्य

संस्था प्रधान आवश्यकता होने पर बाहरी व्यक्ति को विद्यालय परिसर छोड़ने का निर्देश दे सकते हैं। मामले की परिस्थितियों के अनुसार स्थानीय पुलिस की सहायता भी ली जा सकती है।

परिपत्र में संभावित कानूनी कार्रवाई के संदर्भ में निम्न कानूनों का उल्लेख किया गया है:

  • भारतीय न्याय संहिता, 2023
  • लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO)
  • किशोर न्याय अधिनियम, 2015
  • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
  • अन्य लागू विधियां

नोट: किसी विशेष घटना में कौन-सी कानूनी धारा लागू होगी, यह संबंधित मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

शिक्षकों के लिए क्यों बेहद जरूरी है यह आदेश?

यह आदेश केवल बाहरी व्यक्तियों को रोकने तक सीमित नहीं है। इसकी कई जिम्मेदारियां सीधे शिक्षक और विद्यालय प्रशासन से जुड़ी हुई हैं।

यदि कोई व्यक्ति विद्यालय में आकर बिना अनुमति शिक्षक अथवा विद्यार्थियों की रिकॉर्डिंग करता है तो संबंधित शिक्षक को ऐसी स्थिति में संस्था प्रधान को तत्काल सूचित करना चाहिए।

विद्यालय की किसी गतिविधि, कार्यक्रम, समारोह या विद्यार्थियों की फोटो-वीडियो सार्वजनिक करने से पहले भी संबंधित अनुमति और निजता संबंधी प्रावधानों का ध्यान रखना जरूरी होगा।

सोशल मीडिया के दौर में आदेश का महत्व

आज फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के कारण मोबाइल से रिकॉर्ड किया गया कोई वीडियो कुछ ही मिनटों में हजारों लोगों तक पहुंच सकता है।

विशेष रूप से बच्चों के मामले में तस्वीर, वीडियो, नाम, विद्यालय या अन्य पहचान संबंधी जानकारी सार्वजनिक होने से उनकी निजता और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

इसी कारण विभाग ने फोटोग्राफी के साथ-साथ वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग को भी स्पष्ट रूप से दिशा-निर्देशों में शामिल किया है।

YouTuber, पत्रकार और सोशल मीडिया क्रिएटर भी ध्यान दें

यदि कोई पत्रकार, यूट्यूबर, सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर या अन्य बाहरी व्यक्ति विद्यालय में जाकर विद्यार्थियों या शिक्षकों का इंटरव्यू अथवा वीडियो बनाना चाहता है तो उसे विद्यालय प्रशासन से नियमानुसार अनुमति लेनी होगी।

विशेष रूप से आदेश में “पूर्व लिखित अनुमति” का उल्लेख होने के कारण इस नियम को गंभीरता से समझना जरूरी है।

स्कूलों में अब इन व्यवस्थाओं पर देना होगा विशेष ध्यान

  • Visitor Register: प्रत्येक आगंतुक की एंट्री सुनिश्चित करें।
  • अनधिकृत प्रवेश: संस्था प्रधान की अनुमति के बिना बाहरी व्यक्ति को प्रवेश न दें।
  • संवेदनशील क्षेत्र: बाहरी व्यक्ति को अकेले विद्यार्थी क्षेत्रों में न जाने दें।
  • फोटो-वीडियो: रिकॉर्डिंग से पहले लिखित अनुमति सुनिश्चित करें।
  • बच्चों की निजता: व्यक्तिगत जानकारी और फोटो-वीडियो के अनुचित प्रसार को रोकें।
  • उल्लंघन: गंभीर स्थिति में पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को सूचना दें।

केवल 10 बिंदुओं में समझें पूरा आदेश

  1. संस्था प्रधान की अनुमति के बिना बाहरी व्यक्ति स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
  2. आगंतुक को Visitor Register में एंट्री करनी होगी।
  3. बाहरी व्यक्ति अकेले कक्षा, प्रयोगशाला या विद्यार्थियों से जुड़े क्षेत्रों में नहीं जा सकेगा।
  4. शिक्षक या विद्यार्थी की फोटोग्राफी के लिए पूर्व लिखित अनुमति जरूरी है।
  5. वीडियोग्राफी भी बिना लिखित अनुमति नहीं होगी।
  6. इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग भी नियम के दायरे में हैं।
  7. विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा करनी होगी।
  8. संस्था प्रधान सुरक्षा या अनुशासन प्रभावित करने वाले आगंतुक का प्रवेश रोक सकते हैं।
  9. अनधिकृत प्रवेश या रिकॉर्डिंग पर पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को सूचना दी जा सकती है।
  10. पर्यवेक्षण अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा।

किन अधिकारियों और संस्थाओं तक भेजे गए निर्देश?

परिपत्र संबंधित शिक्षा अधिकारियों और संस्थाओं तक पालनार्थ भेजा गया है। इसमें जिला एवं ब्लॉक स्तर के शिक्षा अधिकारी, पीईईओ/यूसीईईओ, छात्रावास अधीक्षक और संस्था प्रधान सहित विभिन्न संबंधित अधिकारी शामिल हैं।

इससे स्पष्ट है कि विभाग विद्यालय स्तर तक इन निर्देशों के प्रभावी अनुपालन पर जोर दे रहा है।

शिक्षकों को घबराने की नहीं, नियम समझने की जरूरत

इस आदेश का उद्देश्य विद्यालय की सामान्य शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा डालना नहीं बल्कि विद्यालय परिसर को अधिक सुरक्षित बनाना और विद्यार्थियों एवं कार्मिकों की निजता तथा गरिमा की रक्षा करना है।

शिक्षकों और संस्था प्रधानों के लिए जरूरी है कि वे आदेश को ध्यान से समझें और विद्यालय में आने वाले बाहरी व्यक्तियों तथा फोटो-वीडियो रिकॉर्डिंग से संबंधित व्यवस्था को स्पष्ट रखें।

निष्कर्ष

राजस्थान शिक्षा विभाग के ये दिशा-निर्देश स्कूल सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। विद्यालय परिसर में कोई भी बाहरी व्यक्ति अपनी इच्छा से प्रवेश कर विद्यार्थियों या शिक्षकों की फोटो-वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं कर सकेगा।

विद्यालय में प्रवेश के लिए संस्था प्रधान की अनुमति, Visitor Register में प्रविष्टि, विद्यार्थियों से जुड़े क्षेत्रों में नियंत्रित प्रवेश तथा फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग के लिए पूर्व लिखित अनुमति जैसे नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा।

📌 महत्वपूर्ण: यह समाचार निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर द्वारा जारी उपलब्ध विभागीय परिपत्र के आधार पर तैयार किया गया है। किसी विशेष परिस्थिति में मूल विभागीय आदेश और लागू नियमों को प्राथमिकता दें।

स्रोत: निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर — RajKaj Ref. No. 24063903


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