🔥 बड़ी खबर: माध्यमिक शिक्षा में 10 साल बाद नया स्टाफिंग पैटर्न, 50 हजार से ज्यादा पद बढ़ेंगे
शिक्षा विभाग ने इसका खाका तैयार कर लिया है और इसे शीघ्र ही सरकार को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किया जाएगा। इससे प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को पर्याप्त शिक्षक मिल सकेंगे और बेरोजगार युवाओं के लिए नई भर्ती के अवसर खुलेंगे।
📊 नामांकन 20 लाख से 50 लाख पार — पद बढ़ना तय
10 साल पहले माध्यमिक शिक्षा में करीब 20 लाख विद्यार्थी नामांकित थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या 50 लाख से अधिक हो चुकी है। नामांकन के अनुपात में शिक्षक संख्या कम होने से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, जिसे नया स्टाफिंग पैटर्न दूर करेगा।
🏫 अब सभी स्कूल उच्च माध्यमिक — व्याख्याता पदों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
प्रदेश में 10 साल पहले माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्तर के स्कूल थे। अब सभी माध्यमिक विद्यालयों को क्रमोन्नत कर उच्च माध्यमिक विद्यालय बना दिया गया है। वर्तमान में इनकी संख्या करीब 19 हजार है। इस कारण सबसे अधिक पद व्याख्याता (Lecturer) संवर्ग में बढ़ने की संभावना है।इसके अलावा वरिष्ठ अध्यापक व तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पद भी बढ़ेंगे।इसके अलावा:
- ✔️ वरिष्ठ अध्यापक
- ✔️ तृतीय श्रेणी शिक्षक
- ✔️ मंत्रालयिक कर्मचारी
🗣️ शिक्षक संगठनों की प्रतिक्रिया
राजस्थान माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने कहा कि नया सत्र शुरू होने से पहले स्टाफिंग पैटर्न की प्रक्रिया पूरी कर स्कूलों में शिक्षक नियुक्त किए जाने चाहिए, ताकि अप्रैल से विद्यार्थियों को पर्याप्त शिक्षक मिल सकें।
वहीं शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ के महामंत्री राजेंद्र शर्मा एवं सभाध्यक्ष राजाराम यादव ने कहा कि मंत्रालयिक कर्मचारियों के हितों को लेकर शिक्षा सचिव को सुझाव सौंप दिए गए हैं और इस संवर्ग के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
