नए सत्र से लागू होगी व्यवस्था, रिजल्ट सुधारने का मिलेगा मौका
अब आरबीएसई में साल में दो बार होगी बोर्ड परीक्षा
कोटा,9 नवंबर 2025: राजस्थान के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की है कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) अगले शैक्षणिक सत्र से साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के प्रावधानों के अनुरूप किया गया है।
शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री, राजस्थान सरकार मदन दिलावर ने आज यहां घोषणा की कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर अगले सत्र से विद्यार्थियों को सत्र में दो बार बोर्ड परीक्षा का अवसर प्रदान करेगा। अपने विधानसभा क्षेत्र कोटा शहर के गणेश नगर में आयोजित एक सार्वजनिक समारोह को संबोधित कर रहे थे।शिक्षामंत्री दिलावर ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अनुसार अगले सत्र से दो बार बोर्ड परीक्षा ली जाएगी। सभी विद्यार्थियों के लिए प्रथम बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होना अनिवार्य होगा। जबकि उत्तीर्ण विद्यार्थियों को समस्त विषयों में से किन्हीं तीन विषयों में द्वितीय अवसर परीक्षा में अपने प्रदर्शन में सुधार करने की अनुमति दी जाएगी। पूरक योग्य घोषित विद्यार्थियों को भी अधिकतम तीन विषयों में द्वितीय अवसर परीक्षा में अपने प्रदर्शन सुधारने की अनुमति दी जाएगी, जिसमें पूरक विषा सम्मिलित रहेंगे। यदि कोई विद्यार्थी प्रथम परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहता है तो उसे भी द्वितीय अवसर परीक्षा में अनुत्तीर्ण विषयों के प्रदर्शन में सुधार करने की अनुमति दी जाएगी। यदि विद्याद्यों इस द्वितीय अवसर परीक्षा में किसी विषय में अनुत्तीर्ण रहता है तो ऐसे विद्यार्थियों को आवश्यक पुनरावृति श्रेणी में रखा जाएगा और वे केवल अगले वर्ष फरवरी माह में मुख्य परीक्षा में ही सम्मिलित हो सकेंगे।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष में एक बार मुख्य परीक्षा फरवरी-मार्च में आयोजित की जाएगी तथा उसके परिणाम की घोषणा के बाद इसी सत्र में दूसरी परीक्षा मई-जून में आयोजित की जाएगी जिसे द्वितीय अवसर परीक्षा नाम दिया जा सकता है। दोनों परीक्षाएं उस वर्ष के पूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित होगी तथा अध्ययन योजना और परीक्षा योजना सामान सोगी। मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थी को सक्षम अधिकारी के चिकित्सा प्रमाण पत्र/संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुख्यालय द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर ही द्वितीय अवसर परीक्षा में प्रवेश की अनुमति दी जा सकेगी। द्वितीय अवसर पर परीक्षा शुल्क मुख्य परीक्षा के समान ही रहेगा तथा ‘बेस्ट ऑफ टू अटेम्प्ट्स’ सिद्धांत लागू रहेगा-अर्थात दोनों परीक्षाओं में प्राप्त श्रेष्ठ अंक अंतिम परिणाम में मान्य होंगे।
🌿 राजस्थान बोर्ड परीक्षा अब साल में दो बार 🎓
नए सत्र से लागू होगी नई व्यवस्था | रिजल्ट सुधारने का सुनहरा मौका
📅 कब होगी परीक्षा?
राजस्थान बोर्ड अब हर वर्ष दो बार परीक्षा आयोजित करेगा —
| परीक्षा का नाम | समय | पात्र विद्यार्थी | लाभ |
|---|---|---|---|
| 📘 मुख्य परीक्षा | फरवरी – मार्च | सभी विद्यार्थी | पहली अनिवार्य परीक्षा |
| 📗 द्वितीय अवसर परीक्षा | मई – जून | उत्तीर्ण, पूरक या अनुत्तीर्ण विद्यार्थी | रिजल्ट सुधारने का अवसर |
वह सब जो आप जानना चाहते हैं:-
- वर्ष में एक बार मुख्य परीक्षा फरवरी-मार्च में तथा उसके परिणाम की घोषणा के बाद इसी सत्र में दूसरी परीक्षा मई-जून में आयोजित की जाएगी
- ‘सभी विद्यार्थियों के लिए प्रथम बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होना अनिवार्य होगा
- बेस्ट ऑफ टू अटेम्प्ट्स सिद्धांत लागू रहेगा
मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थी के लिए-
मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को समस्त विषयों में से किन्हीं 3 विषयों में द्वितीय अवसर परीक्षा में अपने प्रदर्शन में सुधार करने की अनुमति दी जाएगी।
मुख्य परीक्षा में पूरक आए विद्यार्थी के लिए-
पूरक योग्य घोषित विद्यार्थियों को अधिकतम तीन विषयों में द्वितीय अवसर परीक्षा में अपने प्रदर्शन सुधारने की अनुमति दी जाएगी। इसमें पूरक विषय सम्मिलित रहेंगे।
मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए –
यदि कोई विद्यार्थी प्रथम परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहता है तो उसे भी द्वितीय अवसर परीक्षा में अनुत्तीर्ण विषयों के प्रदर्शन में सुधार इस द्वितीय अवसर परीक्षा में किसी विषय करने की अनुमति दी जाएगी। यदि विद्यार्थी में अनुत्तीर्ण रहता है तो ऐसे विद्यार्थियों को आवश्यक पुनरावृत्ति श्रेणी में रखा जाएगा और वे केवल अगले वर्ष फरवरी माह में मुख्य परीक्षा में ही सम्मिलित हो सकेंगे।
अनुपस्थित रहने पर –
मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थी को सक्षम अधिकारी के चिकित्सा प्रमाण पत्र/संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुख्यालय द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर ही द्वितीय अवसर परीक्षा में प्रवेश की अनुमति दी जा सकेगी।
बेस्ट ऑफ टू अटेम्प्ट्स सिद्धांत लागू रहेगा –
दोनों परीक्षाओं में प्राप्त श्रेष्ठ अंक अंतिम परिणाम में मान्य होंगे।
🌟 ‘Best of Two Attempts’ क्या है?
अब विद्यार्थियों को साल में दो बार परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। दोनों परीक्षाओं में से जिस परीक्षा में अधिक अंक होंगे, वही अंक अंतिम परिणाम में मान्य होंगे।
🎓 किसे मिलेगा दूसरा मौका?
| विद्यार्थी की स्थिति | सुधार परीक्षा का अवसर | विशेष प्रावधान |
|---|---|---|
| मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण | अधिकतम 3 विषयों में | रिजल्ट सुधारने की अनुमति |
| पूरक योग्य | 3 विषय (पूरक विषय सहित) | प्रदर्शन सुधार का मौका |
| अनुत्तीर्ण विद्यार्थी | फेल विषयों में | पुनर्परीक्षा में सुधार का अवसर |
| मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित | चिकित्सा प्रमाण पत्र या DEO की अनुमति से | द्वितीय परीक्षा में शामिल होने की अनुमति |
🗣️ शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बयान
🏛️ RBSE सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा —
🌿 Eco-Friendly शिक्षा सुधार
♻️ डिजिटल तैयारी, 📚 कम कागज़ उपयोग और 🌏 पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
- ऑनलाइन अध्ययन सामग्री को प्रोत्साहन
- कागज़ की खपत में कमी
- ग्रीन एजुकेशन सिस्टम की दिशा में कदम
🌍 CBSE में भी दो बार परीक्षा
CBSE ने भी 2026 से 10वीं और 12वीं की परीक्षा साल में दो बार आयोजित करने की घोषणा की है।
राजस्थान बोर्ड की यह पहल देशभर के छात्रों के लिए नई मिसाल बनेगी।
राजस्थान बोर्ड की यह पहल विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा कदम है —
जिससे परीक्षा का तनाव घटेगा, आत्मविश्वास बढ़ेगा और हर विद्यार्थी को अपने सपनों को साकार करने का दोहरा मौका मिलेगा।
