राजस्थान में बनेगा राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण, एक लाख से ज्यादा स्कूलों की होगी सख्त मॉनिटरिंग

राजस्थान में शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्कूलों की जवाबदेही बढ़ाने के लिए राज्य सरकार अगले साल एक स्वतंत्र
राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण (State School Standards Authority – SSSA) गठित करने की तैयारी कर रही है।
यह प्राधिकरण प्रदेश के 1 लाख से अधिक सरकारी और निजी स्कूलों की मॉनिटरिंग करेगा और स्कूल शिक्षा से जुड़े मानकों के पालन पर नजर रखेगा।
नई शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुसार राज्य स्तर पर ऐसे मानक प्राधिकरण की कल्पना की गई थी, जिसे ध्यान में रखते हुए
राजस्थान शिक्षा विभाग ने SSSA के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्राधिकरण के तहत स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं, योग्य शिक्षकों की उपलब्धता,
सुरक्षा प्रोटोकॉल और लैंगिक समानता जैसे प्रमुख बिंदुओं की नियमित समीक्षा की जाएगी।
प्राधिकरण के लिए 27 सदस्यीय कमेटी बना दी गई
राज्य में SSSA के गठन के लिए शिक्षा विभाग ने 27 सदस्यीय कमेटी गठित की है, जो प्राधिकरण का विस्तृत मसौदा तैयार कर रही है।
इस मसौदे में प्राधिकरण की संरचना, अधिकार, निरीक्षण व्यवस्था, जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया और रिपोर्टिंग सिस्टम जैसे बिंदुओं को शामिल किया जा रहा है,
ताकि भविष्य में स्कूलों का मानक आधारित मूल्यांकन सुचारू रूप से हो सके।
हाल ही में राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त अनुपमा जोरवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई,
जिसमें मसौदे के प्रारंभिक ड्राफ्ट पर विस्तार से चर्चा हुई। विभाग के अनुसार, मसौदा लगभग अंतिम चरण में है और दिसंबर में प्रस्तावित अगली बैठक में
इसे अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।
स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं पर रहेगी कड़ी निगरानी
प्रस्तावित राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण का एक प्रमुख लक्ष्य सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना होगा।
साफ-सुथरी एवं हवादार कक्षाएं, पर्याप्त वेंटिलेशन, अलग शौचालय, सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था, खेल के मैदान और अन्य जरूरी सुविधाएं
न्यूनतम मानक के रूप में तय की जाएंगी।
प्राधिकरण नियमित निरीक्षण और रिपोर्टिंग व्यवस्था के माध्यम से यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी स्कूल में आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण
विद्यार्थियों की पढ़ाई, स्वास्थ्य या सुरक्षा पर असर न पड़े। जहां कमियां पाई जाएंगी, वहां सुधार के लिए समयबद्ध निर्देश दिए जा सकेंगे।
योग्य एवं प्रशिक्षित शिक्षक होंगे प्राथमिकता पर
SSSA के दायरे में शिक्षकों की योग्यता और प्रशिक्षण भी एक अहम घटक रहेगा, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
प्राधिकरण यह देखेगा कि स्कूलों में नियुक्त शिक्षक निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और प्रोफेशनल प्रशिक्षण मानकों पर खरे उतरें।
इन-सर्विस ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण कार्यक्रम और विषयवार विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता पर भी जोर दिया जाएगा।
इससे कक्षा में पढ़ाई की गुणवत्ता, बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों और विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम्स में सुधार की उम्मीद है।
अग्नि सुरक्षा, स्वास्थ्य और बाल संरक्षण के सख्त मानक
नई व्यवस्था के तहत स्कूलों में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य रूप से करवाया जाएगा, जिसमें अग्नि सुरक्षा मानक,
स्वास्थ्य और स्वच्छता नियम, सीसीटीवी निगरानी (जहां लागू हो), आपदा प्रबंधन और आपातकालीन निकासी योजना जैसे प्रावधान शामिल रहेंगे।
साथ ही बाल संरक्षण नीतियों का पालन, POCSO एक्ट से जुड़ी संवेदनशीलता, शिकायत निवारण तंत्र और
स्कूल परिसर में किसी भी प्रकार के शारीरिक या मानसिक शोषण को रोकने के उपायों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
प्राधिकरण इन सभी बिंदुओं को अपने नियमित निरीक्षण और रिपोर्टिंग सिस्टम का हिस्सा बनाएगा।
लैंगिक समानता और विशेष जरूरतों वाले छात्रों पर विशेष ध्यान
राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण लैंगिक समानता और गैर-भेदभाव की नीति को मजबूत करने की दिशा में भी काम करेगा।
स्कूलों में लड़कियों, ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों और सभी समूहों के लिए समान अवसर, सुरक्षित वातावरण और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए
स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।
साथ ही, विकलांग और विशेष जरूरतों वाले छात्रों के लिए रैंप, विशेष शौचालय, रीसोर्स रूम, सहायक उपकरण और समावेशी शिक्षा से जुड़ी अन्य सुविधाओं पर
भी जोर दिया जाएगा, ताकि कोई भी छात्र शारीरिक या मानसिक चुनौतियों के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
स्कूल मान्यता के लिए एकल खिड़की व्यवस्था
अभी तक कई स्कूल संचालक मान्यता और निरीक्षण प्रक्रिया में अधिक समय लगने और कागजी कार्यवाही की जटिलता को लेकर चिंता जताते रहे हैं।
प्रस्तावित राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण मान्यता नियमों को सरल बनाकर एक एकल खिड़की प्रणाली लागू करने की दिशा में काम करेगा,
ताकि मंजूरी और नवीनीकरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्वरित हो सके।
एकल खिड़की ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्कूल अपने दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे, निरीक्षण की स्थिति ट्रैक कर सकेंगे और प्राधिकरण से मिलने वाले निर्देशों का
ऑनलाइन अनुपालन कर सकेंगे। इससे अनावश्यक देरी कम होगी, जवाबदेही बढ़ेगी और मान्यता व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित रूप से लागू हो पाएगी।
राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण के गठन के बाद उम्मीद की जा रही है कि राजस्थान में स्कूल शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र-केंद्रित हो सकेगी।
मसौदा अंतिम रूप लेने के बाद प्राधिकरण के औपचारिक गठन और विस्तृत नियमों की अधिसूचना जारी होने की संभावना है।
